PATNA : अभी अभी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से बिहार आ रही बस का एक्सीडेंट हो गया है। घटना इतनी जबरदस्त थी की छह यात्रियों को मौत हो गई है। अन्य बारह लोग घायल हो गए है। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया है। ताजा अपडेट के अनुसार यह घटना आगरा-लखनउ एक्सप्रेस वे की बताई जा रही है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार उन्नाव के पास अधिक स्पीड होने के कारण बस पलट गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घायलों को लखनउ ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।
नियम ताख पर रखकर हो रहा बिहार-दिल्ली तक बस परिचालन, SC के आदेश का नहीं हो रहा पालन : दिल्ली बस सेवा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी धज्जियां उड़ रही हैं। कई बसों में गति को कम करनेवाले स्पीड गवर्नर नहीं लगाए गए हैं। जिन बसों में लगे हैं, वहां उनमें छेड़छाड़ कर बसों की गति को तेज कर परिचालन किया जा रहा है। स्पीड गवर्नर लगाने के बाद बसों की रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटे तक ही रहेगी। मगर, हाल ये है कि दिल्ली बस सेवा की अधिकतर बसें -120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं। सड़क हादसों को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों में स्पीड गवर्नर को अनिवार्य किया है।
18 से 20 घंटे में दिल्ली पहुंचने की रहती होड़ : दिल्ली जल्दी पहुंचने की होड़ में बसों की गति काफी तेज की जाती है। बैरिया से आनंद बिहार तक 18 से 20 घंटे में पहुंचने का टारगेट होता है। इसको पूरा करने के लिए एनएच व फोरलेन पर आते ही इनकी रफ्तार अनियंत्रित हो जाती है। लगातार ड्राइविंग से रहता खतरा : दिल्ली बस के ड्राइवरों को 12 से 15 घंटे लगातार ड्राइविंग करनी पड़ती है। रास्ते में लाइन होटल के पास कुछ देर बस रुकने से उन्हें थोड़ा आराम मिल जाता है। ड्राइविंग से शारीरिक व मानसिक रूप से थक जाते हैं। कुछ बसों में ही डबल चालक होते हैं। दोनों आपस में तालमेल कर ड्राइविंग करते हैं। जानकारों की मानें तो नियमानुसार हर छह घंटे पर ड्राइवर बदलना है, मगर अधिकतर बसों में ऐसा नहीं होता।
बैरिया बस पड़ाव से बुकिंग, होटल-ढाबों से चल रहीं बसें : परिवहन विभाग द्वारा सात बसों पर कार्रवाई के बाद भी परिचालन बंद नहीं हुआ। बसों को बैरिया बस पड़ाव के बदले लाइन होटलों, ढाबों से परिचालन किया जा रहा है। बैरिया में बुकिंग काउंटर बंद है। मगर, एजेंट बुकिंग कर रहे हैं। बुकिंग करते समय वे चौकन्ने रहते हैं। सीटों की बुकिंग के बाद यात्रियों को बसों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कर्मियों ने खुद ले रखी है। उनको ऑटोरिक्शा में बैठा कर बसों तक भेजा गया। इस दौरान बसों से दिल्ली बस सेवा का बोर्ड हटा दिया जा रहा है।
नियम ताख पर रखकर हो रहा बिहार-दिल्ली तक बस परिचालन, SC के आदेश का नहीं हो रहा पालन : दिल्ली बस सेवा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भी धज्जियां उड़ रही हैं। कई बसों में गति को कम करनेवाले स्पीड गवर्नर नहीं लगाए गए हैं। जिन बसों में लगे हैं, वहां उनमें छेड़छाड़ कर बसों की गति को तेज कर परिचालन किया जा रहा है। स्पीड गवर्नर लगाने के बाद बसों की रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटे तक ही रहेगी। मगर, हाल ये है कि दिल्ली बस सेवा की अधिकतर बसें -120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं। सड़क हादसों को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों में स्पीड गवर्नर को अनिवार्य किया है।
18 से 20 घंटे में दिल्ली पहुंचने की रहती होड़ : दिल्ली जल्दी पहुंचने की होड़ में बसों की गति काफी तेज की जाती है। बैरिया से आनंद बिहार तक 18 से 20 घंटे में पहुंचने का टारगेट होता है। इसको पूरा करने के लिए एनएच व फोरलेन पर आते ही इनकी रफ्तार अनियंत्रित हो जाती है। लगातार ड्राइविंग से रहता खतरा : दिल्ली बस के ड्राइवरों को 12 से 15 घंटे लगातार ड्राइविंग करनी पड़ती है। रास्ते में लाइन होटल के पास कुछ देर बस रुकने से उन्हें थोड़ा आराम मिल जाता है। ड्राइविंग से शारीरिक व मानसिक रूप से थक जाते हैं। कुछ बसों में ही डबल चालक होते हैं। दोनों आपस में तालमेल कर ड्राइविंग करते हैं। जानकारों की मानें तो नियमानुसार हर छह घंटे पर ड्राइवर बदलना है, मगर अधिकतर बसों में ऐसा नहीं होता।
बैरिया बस पड़ाव से बुकिंग, होटल-ढाबों से चल रहीं बसें : परिवहन विभाग द्वारा सात बसों पर कार्रवाई के बाद भी परिचालन बंद नहीं हुआ। बसों को बैरिया बस पड़ाव के बदले लाइन होटलों, ढाबों से परिचालन किया जा रहा है। बैरिया में बुकिंग काउंटर बंद है। मगर, एजेंट बुकिंग कर रहे हैं। बुकिंग करते समय वे चौकन्ने रहते हैं। सीटों की बुकिंग के बाद यात्रियों को बसों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कर्मियों ने खुद ले रखी है। उनको ऑटोरिक्शा में बैठा कर बसों तक भेजा गया। इस दौरान बसों से दिल्ली बस सेवा का बोर्ड हटा दिया जा रहा है।

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