मुजफ्फरपुर में हुए 10 करोड़ के सोना लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. लूटे गए पूरे 10 करोड़ के सोना को सही सलामत बरामद भी कर लिया गया. इस मामले में 3 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के अनुसार सीआईडी और मुजफ्फरपुर पुलिस की टीम ने मिलकर 36 घन्टे के अंदर पूरी कार्रवाई की है.
लूट का सारा सोना बरामद किए जाने के बाद मुथुत फाइनेंस ने बिहार पुलिस सम्मान देने की बात कह दी है. तेजी से सोना की बरामदगी करने के लिए बिहार पुलिस को 30 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा मुथुत फाइनांस के अधिकारी ने इस मामले में डीजीपी से फोन पर बात की है. इसके बाद डीजीपी ने मुजफ्फरपुर एसएसपी को फोन कर दिया निर्देश और कहा कि ऑपरेशन में शामिल सभी पुलिस कर्मियों के बीच पुरस्कार की राशि को बांटा जाए l बिहार के अंदर अपराधियों पर अब हर हाल में लगाम लगेगी. आपराधिक वारदातों को रोका जाएगा. इसके लिए डीजीपी ने अपना एक्शन प्लान कर लिया है. 50 से अधिक कुख्यात अपराधियों के नाम की उन्होंने लिस्ट भी तैयार कर ली है. इसी उद्देश्य से वो खुद अब फील्ड में निकल रहे हैं l
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों से लोहा लेने के लिए वो खुद भी मैदान में जाएंगे. बिहार पुलिस का मुखिया होने के कारण उन्होंने कहा कि अपराधियो से मुठभेड़ करूंगा और पहली गोली अपने सीने पर खाउंगा l शनिवार को आधी रात के बाद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय राजधानी के एसकेपुरी थाना और गर्दनीबाग थाना अचानक पहुंच गए थे. दोनों जगहों के थानेदार समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए. डीजीपी के इस एक्शन से हड़कंप भी मचा. लेकिन आपको ये बता दें कि करीब दो दशक के बाद ऐसा हुआ है कि किसी डीजीपी ने आधी रात को इस तरह की कार्रवाई की हो.
इन्होंने एक बात और साफ कर दी है. सिपाही से लेकर थानेदार, डीएसपी और एसपी तक के जो भी अधिकारी बढ़िया काम करेंगे, उन्हें सम्मान मिलेगा. लेकिन जो काम नहीं करेंगे, उन्हें सजा भी मिलेगी. डीजीपी ने कहा है कि सात दिनों के अंदर इसका रिजल्ट भी देखने को मिलेगा
रिपोर्ट राहुल रंजन

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