New Delhi : प्रयागराज में चल रही कुंभ के दौरान साधुसंतों ने फैसला किया है कि वो अयोध्या जाकर राम मंदिर बनाएंगे। सभी अखाड़ों के महंतों ने ऐलान किया है कि 21 फरवरी से राम मंदिर का निर्माण शुरू करवाया जाएगा।
इससे पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर उसने अयोध्या में गैर विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने की अपील की है। सरकार का कहना है कि गैरविवादित जमीन पर राम जन्मभूमि न्यास मंदिर का निर्माण करेगी।
रामजन्मभूमि न्यास को मिले जमीन का हक :
सरकार के इस बड़े ऐलान के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक अर्जी में कहा है कि अयोध्या में हिंदू पक्षकारों को जो हिस्सा दिया गया है, वो रामजन्मभूमि न्यास को दे दिया जाए। जबकि 2।77 एकड़ भूमि का कुछ हिस्सा भारत सरकार को लौटा दिया जाए।
जमीन का क्या करना है, यह न्यास का फैसला :
जावड़ेकर ने कहा कि यह राम जन्म भूमि न्यास के उपर है कि वह लौटाई गई जमीन का क्या करती है, सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। सरकार विवादित जमीन को नहीं छू रही है। उन्होंने कहा कि राम जन्म भूमि न्यास की 42 एकड़ जमीन है। कोर्ट ने 2003 में कहा था कि यह सरकार को तय करना है कि बाकी जमीन का क्या करना है। हमें पूरा विश्वास है कि कोर्ट जमीन देगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ही कहा था। सरकार ने स्टेटस को पर मोडिफिकेशन मांगा है। यह सरकार की बहुत बड़ी पहल है।
इससे पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर उसने अयोध्या में गैर विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने की अपील की है। सरकार का कहना है कि गैरविवादित जमीन पर राम जन्मभूमि न्यास मंदिर का निर्माण करेगी।
रामजन्मभूमि न्यास को मिले जमीन का हक :
सरकार के इस बड़े ऐलान के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक अर्जी में कहा है कि अयोध्या में हिंदू पक्षकारों को जो हिस्सा दिया गया है, वो रामजन्मभूमि न्यास को दे दिया जाए। जबकि 2।77 एकड़ भूमि का कुछ हिस्सा भारत सरकार को लौटा दिया जाए।
जमीन का क्या करना है, यह न्यास का फैसला :
जावड़ेकर ने कहा कि यह राम जन्म भूमि न्यास के उपर है कि वह लौटाई गई जमीन का क्या करती है, सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। सरकार विवादित जमीन को नहीं छू रही है। उन्होंने कहा कि राम जन्म भूमि न्यास की 42 एकड़ जमीन है। कोर्ट ने 2003 में कहा था कि यह सरकार को तय करना है कि बाकी जमीन का क्या करना है। हमें पूरा विश्वास है कि कोर्ट जमीन देगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ही कहा था। सरकार ने स्टेटस को पर मोडिफिकेशन मांगा है। यह सरकार की बहुत बड़ी पहल है।

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