ऐसे किसान जिनके नाम एक फरवरी 2019 तक लैंड रिकॉर्ड में दर्ज हैं, उन्हें ही सालाना छह हजार नकद मिलेगे। इस तिथि के बाद अगर जमीन की खरीद-बिक्री के बाद जमीन दस्तावेजों में मालिकाना हक का बदलाव हुआ तो अगले पांच साल तक इस योजना का लाभ उन्हें नहीं मिलेगा।
हालांकि, अगर अपनों के नाम पर जमीन हस्तांतरण में मालिकाना हक में बदलाव होता है तो वे इस योजना के लिए योग्य माने जाएंगे।
हालांकि, अगर अपनों के नाम पर जमीन हस्तांतरण में मालिकाना हक में बदलाव होता है तो वे इस योजना के लिए योग्य माने जाएंगे।
केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के क्रियान्वयन के लिए कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को सालाना छह हजार देने के लिए राज्य सरकार को इस पर अमल करने को कहा गया है।


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